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10 August 2020
Two sessions were conducted on the fifth day of the ongoing one week faculty development programme at the HRDC University of Allahabad. In the morning session Professor Anupam Pande from the Department of Geography, University of Allahabad delivered his lecture on Climate Change and Hydro Meteorological Hazards. He talked about the issues of Climate Change and disasters and emphasize the need for sustainable development. The second session was conducted by Professor Sheila Rai, former principal St. Xaviers College Jaipur. She gave her lecture on the topic Gandhi in Contemporary Times. She emphasized the need to understand Gandhian philosophy in all its dimensions for academic leadership and sustainable development.

08 August 2020
On the fourth day of of the one week online Faculty Development Program at the UGC HRDC University of Allahabad two sessions were conducted. In the morning session Dr B K Singh, University Librarian, University of Allahabad delivered his lecture on the topic "Ethics in Academic Writing." He talked about the issues of plagiarism and how through various ways academicians can adopt best practices. In the second session Professor (Retd.) Jatashankar from the Department of Philosophy University of Allahabad delivered his lecture on the topic "Philosophy for Everybody." He talked about the importance of philosophy and philosophical understanding in our everyday lives. He also emphasized that how  academicians from various disciplines adopt philosophy and philosophical thinking in not only their academic life but also in their day-to-day deliberations that can help in assuming leadership roles.

07 August 2020
Two sessions were conducted on August 7 2020 in the Faculty Development Program being organised at the HRDC, University of Allahabad. In the morning session Professor M.P. Sachdeva, Head, Department of Anthropology, University of Delhi, delivered his lecture on the topic Forensic Science: Issues and Challenges. Besides other things he specially discussed the role of forensic science in the context of Cyber crimes that have increased due to the increase in online transactions. The second session was conducted by Professor Manmohan Krishna, Department of Economics, University of Allahabad. Professor Krishna spoke on the topic: Choices and Decision Making. According to him there is an entire range of algorithms that are constantly affecting our decision making process. He questioned the idea of independent decision making.

06 August 2020
On the second day of of the one week online Faculty Development Program at the HRDC, University of Allahabad two sessions where conducted. In the morning session Professor Vinay Kumar Srivastava, Director, Anthropological Survey of India, Kolkata delivered his lecture on the topic Teaching Courses on Research Methods. He was of the view that there is a need for a Paradigm shift in the pedagogy from a hierarchical teacher-learner relationship towards a more egalitarian relationship. This will indeed help in the development of a critical perspective that is very much required in the context of research. He was in favour for the development of a pedagogic culture of research methods where-in teaching and learning of research method is not taken for granted but is given a very central position. The second session was conducted by Dr Dhananjai Chopra from the cCentre of Media Studies University of Allahabad. He spoke on the topic Need and Importance of Media Literacy. According to him there is a need for the development of a Participatory Audience in order to develop a new kind of a teaching pedagogy. Expansion of communication and new objects coming at the centre of the communication channel is enabling as well as challenging in the present context. According to him information literacy, two way communication model and webcasting are important tools in the context of media literacy.

05 August 2020
On August 5 2020 a one week faculty development programme took off in the online mode at the UGC hrdc University of Allahabad. Professor BP Sharma honorable vice chancellor of the Gautam Buddha University Greater Noida was the chief guest. He also delivered the inaugural lecture. The inaugural session was attended by professor HK Sharma director hrdc at the University of Allahabad. He also formally welcomed the chief guest. Professor BP Sharma spoke on the topic higher education in the age of disruption. According to him there is a need for a civilizational approach to understand and move ahead in this age of disruption. ancient philosophies and modern technological innovations should come together for a better future. Artificial intelligence is one area that is going to come up in a big way in order to resolve disruptions. The second session of the day was conducted by professor SK Sharma from the department of English and modern European languages University of Allahabad. He elaborately spoke on the issue of academic performance indicator and emphasized the need to understand the neoliberal dimensions in respect of academic publishing and career advancement. There are in all 50 participants in the the program from different parts of the country like Mizoram Madhya Pradesh Himachal Pradesh Andhra Pradesh Chhattisgarh Sikkim and Uttar Pradesh. The program is coordinated by Dr Prashant khattri assistant director hrdc University of Allahabad.

30 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित 1 सप्ताह के ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स का आज अंतिम दिन था। इस दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में प्रोफेसर सुमिता परमार ने अपना व्याख्यान म.बवदजमदज निर्माण से जुड़े अपने अनुभवों के आधार पर दिया। उन्होंने ईपीजी पाठशाला में कार्य करते वक्त अपने अनुभवों को प्रतिभागियों से साझा किया। दूसरे सत्र में डॉ आशीष खरे ने मूडल और इंडिया आर्काइव्स विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने बड़े विस्तार से मूडल प्लेटफार्म के बारे में बताया। 15 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने इंडिया आर्काइव नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रारंभ किया जिसके तहत 2022 तक पब्लिक फंडेड रिसर्च को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का संकल्प है। इस पूरे कार्यक्रम को डॉ प्रशांत खत्री सहायक निदेशक मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कोऑर्डिनेट किया।

29 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित 1 सप्ताह के ऑनलाइन शॉर्ट टर्म कोर्स का आज अंतिम दिन था। इस दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में प्रोफेसर सुमिता परमार ने अपना व्याख्यान म.बवदजमदज निर्माण से जुड़े अपने अनुभवों के आधार पर दिया। उन्होंने ईपीजी पाठशाला में कार्य करते वक्त अपने अनुभवों को प्रतिभागियों से साझा किया। दूसरे सत्र में डॉ आशीष खरे ने मूडल और इंडिया आर्काइव्स विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने बड़े विस्तार से मूडल प्लेटफार्म के बारे में बताया। 15 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने इंडिया आर्काइव नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म प्रारंभ किया जिसके तहत 2022 तक पब्लिक फंडेड रिसर्च को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का संकल्प है। इस पूरे कार्यक्रम को डॉ प्रशांत खत्री सहायक निदेशक मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कोऑर्डिनेट किया।

28 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान मैं आयोजित 1 सप्ताह के शॉर्ट टर्म कोर्स का आज पांचवा दिन था। आज दो सत्रों का आयोजन किया गया प्रथम सत्र में मानव विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉक्टर शैलेंद्र मिश्रा जी ने अपना व्याख्यान मैसिव ऑनलाइन ओपन कोर्सेज के भारतीय और वैश्विक इतिहास एवं स्तर के ऊपर दिया। इन के अनुसार एक विशेष ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के अंतर्गत हम ई कंटेंट डेवलपमेंट को देख सकते हैं जो ज्ञान के एक व्यापक विस्तार पर आधारित है। दूसरे सत्र में सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक एंड ओसियन स्टडीज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुनीत द्विवेदी जी ने अपना व्याख्यान म.बवदजमदज और ऑनलाइन कोर्सेज से संबंधित यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निर्गत गाइडलाइंस के ऊपर दिया। उनके अनुसार म.बवदजमदज निर्माण और ऑनलाइन शिक्षण के संदर्भ में इन गाइडलाइंस को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है।

27 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित 1 सप्ताह के शॉर्ट टर्म कोर्स का आज चौथा दिन था। इस दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया प्रथम सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास विंग की डिप्टी डायरेक्टर डॉ निशा सिंह ने अपना व्याख्यान ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस और सीसी लाइसेंसइंग पर दिया। इसके अंतर्गत उन्होंने यह बताया कि किस प्रकार से अध्यापक e-content विकसित करते वक्त विभिन्न मुक्त प्लेटफार्म उसका उपयोग कर सकते हैं उसके साथ साथ ऑनलाइन ऐसे भी स्रोत मौजूद हैं जिनके उपयोग द्वारा हम अपने e-content को और भी प्रभावी बना सकते हैं। कोर्स के दूसरे सत्र में अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के लिबरल स्टडीज विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ उल्फत अंजुम मीर ने समाज विज्ञान विषयों में ई लर्निंग की संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर अपना व्याख्यान दिया। इस व्याख्यान के माध्यम से डॉक्टर मीर ने लर्निंग आउटकम को ई लर्निंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और एक केस स्टडी के माध्यम से इस विषय पर प्रकाश डाला।

25 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव विकास संसाधन केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित 1 सप्ताह के शॉर्ट टर्म कोर्स का आज तीसरा दिन था। दो सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में प्रोफेसर आशीष सक्सेना अध्यक्ष समाजशास्त्र विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपना व्याख्यान आईसीटी के माध्यम से ग्रामीण विकास विषय पर दिया। उनके अनुसार आईसीटी के माध्यम से विकास में अपार संभावनाएं निहित है। दूसरे सत्र में डॉक्टर मीटू दास मानव विज्ञान विभाग इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने अपना व्याख्यान मिश्रित अध्ययन के ऊपर दिया। उनके अनुसार आगे आने वाले समय में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन का मिश्रण उच्च शिक्षा में संभव है और इस तरीके के शिक्षण में अपार संभावनाएं हैं। इस आयोजन को डॉ प्रशांत खत्री सहायक निदेशक मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा कोऑर्डिनेट किया गया।

24 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित 1 सप्ताह के शॉर्ट टर्म कोर्स का आज दूसरा दिन था। आज दो सत्र आयोजित किए गए प्रथम सत्र में डॉ बीके सिंह लाइब्रेरियन इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपना वक्तव्य ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस पर दिया जिसमें उन्होंने कहा कि यह अति महत्वपूर्ण है की ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस का उपयोग और कंटेंट निर्माण करते वक्त हम आचार संहिता का पालन करें इस संदर्भ में एथिक्स अत्यंत महत्वपूर्ण चीज होती है। दूसरे सत्र में प्रोफेसर धनंजय यादव डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अपना वक्तव्य आईसीटी एंपावर्ड ई लर्निंग पर दिया इसमें उन्होंने यह बताया कि किस तरीके से अध्यापक इस समय अपने विद्यार्थियों से आईसीटी के माध्यम से जुड़ सकते हैं और कैसे आईसीटी एक महत्वपूर्ण भूमिका में हमको दिखाई देता है

23 July 2020
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय
यूजीसी मानव संसाधन विकास केंद्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित e-content रिसोर्सेज ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस और मैसिव ऑनलाइन ओपन कोर्सेज पर 1 सप्ताह के शॉर्ट टर्म कोर्स का आज पहला दिन था।  पहले दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया प्रथम सत्र में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर आर आर तिवारी जी ने अपना उद्घाटन वक्तव्य दिया। यह वक्तव्य लर्निंग इन ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी पर केंद्रित था। प्रोफेसर तिवारी के अनुसार वर्तमान परिपेक्ष में हम वर्चुअल स्पेस पर निर्भर हो गए हैं और हमारे पास ऑनलाइन मोड में बहुत सारे प्लेटफार्म उपलब्ध है जिनके माध्यम से हम अपने विद्यार्थियों शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ जुड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय एक सरवर का निर्माण कर रहा है जो कि प्रशासनिक और अकाउंट के मटेरियल को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। यह इन्वायरमेंट 31 जुलाई तक बीटा वर्जन लॉन्च होने की संभावना है यह पूरी तरीके से इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया है और इसमें किसी तरीके की कोई बाहरी मदद नहीं ली गई है। इसी सत्र में डॉ सुनीता त्रिपाठी ने गूगल के माध्यम से किस प्रकार एक वर्चुअल एनवायरमेंट का निर्माण किया जाए इस पर ज्ञानवर्धक जानकारी उपलब्ध कराई। डॉक्टर त्रिपाठी ने गूगल डॉक्यूमेंट गूगल शीट गूगल फॉर्म और गूगल क्लासरूम को किस प्रकार उपयोग किया जाए इस पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस कोर्स के दूसरे सत्र में प्रोफेसर धनंजय चोपड़ा सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज ने अपना व्याख्यान कंटेंट क्यूरेशन ब्लॉगिंग पॉडकास्ट विषय पर दिया उन्होंने यह बताया कि किस प्रकार से अध्यापकों को इस समय माइक्रोब्लॉगिंग पॉडकास्ट इत्यादि का इस्तेमाल अपने विद्यार्थियों से जुड़ने के लिए करना चाहिए

26 June 2020
Assistant Director, UGC-HRDC, University of Allahabad
June 26 was the first day of the three days online faculty development programme organized by the UGC_HRDC, University of Allahabad. A total of 96 participants registered for the course. Besides the speaker and participants, the Director, UGC_HRDC, University of Allahabad was present in the inaugural session and he formally welcomed the speaker. The inaugural lecture was delivered by Prof. Vinay Kumar Srivastava, Director, Anthropological Survey of India, Kolkata. He talked about the basic tenets of social science research where he began his lecture with some basic terms used in social sciences and emphasized the importance of thoroughly understanding these terms in order to understand the nuances of the social science research. He also emphasized the need to amalgamate the qualitative and quantitative dimensions of research as there are two ways of knowing viz- by going around and by going inside. He then spoke on the issues of reflexivity and androcentric bias in social research. Prof. Ashish Saxena, Head, Department of Sociology, University of Allahabad delivered the second lecture. His spoke on the methodological issues in qualitative research. He emphasized that there is a need to problematize the notion of science and scientific research. He then talked about the ideas of inductive,deductive, idiographic, nomithetic, rationality and empirical dimensions of social science research. Both sessions ended with a formal vote of thanks. This online programme is beings coordinated by Dr. Prashant Khattri, Assistant Director, UGC_HRDC.
यू.जी.सी. मानव संसाधन विकास केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज द्वारा आयोजित ऑनलाइन तीन दिवसीय शिक्षक विकास कार्यशाला का आज पहला दिन था. कुल 96 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण इस कार्यशाला हेतु करवाया. इस ऑनलाइन कार्यशाला में वक्ता और प्रतिभागियों के अलावा मानव संसाधन विकास केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. हरि कुमार शर्मा भी मौजूद थे और उन्होंने वक्ताओं का स्वागत किया. आरंभिक सत्र में भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, कोलकाता के निदेशक प्रो. विनय कुमार श्रीवास्तव ने व्याख्यान दिया. उन्होंने सामाजिक विज्ञान शोध के आधारभूत स्तंभों की चर्चा की. उनके अनुसार शोध में प्रयोग होने वाली शब्दावली को समझना सामजिक विज्ञान शोध को समझने हेतु अति आवश्यक है. उन्होंने गुणात्मक और संख्यात्मक शोध के समन्वय की भी बात कही. दुसरे सत्र में प्रो. आशीष सक्सेना, हेड, समाजशास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपना व्याख्यान दिया. उन्होंने गुणात्मक शोध के प्राविधिक पक्षों पर अपने विचार रखे. इसके उपरांत उन्होंने वैज्ञानिक शोध और शोध पद्धति कि चर्चा करी और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उसकी प्रासंगिगता पर विचार रखे. इस कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रान्तों से प्रतिभागी आये थे जैसे- तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य परदेश, केरला इत्यादि. कार्यशाला के प्रथम दिन का समापन एक औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन से हुआ. इस कार्यशाला का आयोजन डा. प्रशांत खत्री, सहायक निदेशक, यू.जी.सी. मानव संसाधन विकास केंद्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने किया.

24 Feb 2020
Assistant Director, UGC-HRDC, University of Allahabad
दिनांक 24 फरवरी 2020 को ई-कंटेंट निर्माण और मुक्त शैक्षणिक संसाधनों पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा संचालित सात दिवसीय कोर्स का दूसरा दिन रहा. शहर और देश के विभिन्न कालेजों और विश्वविद्यालयों से आये प्रतिभागियों ने दो सत्र में वक्ताओं का व्याख्यान सुना. प्रथम सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय के लाइब्रेरियन डा. बी.के सिंह ने अपना व्याख्यान “मुक्त शैक्षणिक संसाधन” विषय पर दिया. इस विषय पर बोलते हुए उन्होंने पुस्तकालय विज्ञान में मुक्त संसाधनों और श्रोतों के महत्व पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि अब ओपन एक्सेस पुस्तकालयों का समय है जहां ज्ञान भौतिक सीमाओं के परे एक मुक्त स्थान में विचरण करता है. कोर्स के दूसरे सत्र में इलाहबाद विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रोफ़ेसर आशीष सक्सेना ने “सूचना और सम्प्रेषण तकनीक का राष्ट्रीय स्तर पर विकास” विषय पर व्याख्यान दिया. इस व्याख्यान के माध्यम से उन्होंने यह बताया कि नयी तकनीक जितनी लाभकारी होती है उतना ही उसे लेकर सतर्क रहने की भी आवश्यकता है. इस उत्तर आधुनिक युग में सभी मूल्यों को परखा जाना चाहिए. कोई एक मूल्य सर्वोपरि है ऐसा नहीं है. ऑनलाइन कोर्स और ई-कंटेंट विकास के क्षेत्र में भी यह बात समझनी अनिवार्य है.

February 24, 2020 was the second day of the seven days short term course on “MOOCs, e-content development and open educational resources” conducted under the aegis of the UGC_Human Resource Development Center, University of Allahabad. Two lectures were conducted on the second day. The first lecture was delivered by Dr. B.K. Singh, Librarian, University of Allahabad on the topic- “Open Educational Resources.” Dr. Singh emphasized the importance of open content and resources in the library sciences. He reiterated that today we are living in the era of open access libraries that are not bounded by library buildings and knowledge resides at a free to access space. In the second session of the course, Prof. Ashish Saxena, Head, Department of Sociology, University of Allahabad delivered a lecture on the topic- “Emerging Trends of ICT Enabled Development in India: A Critique.” In his lecture Prof. Saxena emphasized on the issue that the new technology is no doubt very important and user friendly but as the user of this technology we need to be more cautious. This is more like a double edged sword. He further said that in this post-modern era each and every value needs to be evaluated and re-evaluated. This needs to be understood in the context of online courses and e-content development. 


23 Feb 2020
Assistant Director, UGC-HRDC, University of Allahabad
The inaugural session of the short term course titled- “MOOCs, e-content development and Open Educational Resources” was held at the UGC-HRDC, University of Allahabad on February 23, 2020. This was the first time that the HRDC is conducting this one week course on this very important and relevant subject. The course was inaugurated by the Hon’ble Vice Chancellor of the University of Allahabad, Prof. R.R. Tewari. He delivered the inaugural lecture on the topic- “Learning in the 21st Century” where he outlined and defined the new dimensions of teaching and learning that are invented using the tools of Information and computer technology. He talked about various platforms and software that are used and can be used by the teachers in order to develop new teacher-learner interface. Prof. H.K. Sharma, the Director the HRDC emphasized on the relevance of such courses for the capacity building of the teachers and emphasized on the need of more such courses that may enhance the capacity of not only the teachers but also of the human resources in the form of students that are going to be benefitted from such online courses. The course is being coordinated by Dr. Prashant Khattri, Assistant Director, HRDC. The course is being attended by teachers from various colleges in Prayagraj and other parts of India. This course will run till February 29, 2020.

ई-कंटेंट निर्माण, और मुक्त शैक्षणिक संसाधनों पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र के द्वारा संचालित सात दिवसीय कोर्स का उदघाटन सत्र दिनांक 23 फरवरी 2020 को आयोजित किया गया. इस शोर्ट टर्म कोर्स का उदघाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफ़ेसर आर.आर. तिवारी जी ने किया. उन्होंने उदघाटन सत्र में “२१ वीं शताब्दी में शिक्षा” विषय पर अपना व्याख्यान दिया. इस व्याख्यान के माध्यम से उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि इस शताब्दी में शिक्षा के विस्तार के लिए नयी कंप्यूटर तकनीक और सूचना तकनीक का प्रयोग अनिवार्य हो गया है. ओनलाइन कंटेंट बनाने और संप्रेषित करने के लिए नए प्रकार के उपकरण और साफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनकी जानकारी शिक्षकों को होना अनिवार्य है. अपने इस व्याख्यान में उन्होंने कई ऐसी नयी प्रणालियों और साफ्टवेयरों के बारे में जानकारी दी. केंद्र के निदेशक, प्रोफ़ेसर एच.के. शर्मा जी ने विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस प्रकार के कोर्स द्वारा शिक्षकों में क्षमता के निर्माण किया जा सकता है. यह केवल शिक्षकों के लिए ही नहीं बल्कि मानव संसाधन विकास जिसमे छात्र एक अति महत्वपूर्ण अंग हैं के लिए भी लाभकारी होगा. इस कोर्स को केंद्र के सहायक निदेशक डा. प्रशांत खत्री संचालित कर रहे हैं. इस कोर्स में प्रयागराज और देश के अन्य क्षेत्रों के कालेजों से आये प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं. यह कोर्स 29 फरवरी तक चलेगा.


Coordinator, 126th Orientation course,  UGC-HRDC, University of Allahabad
In pursuance of quality training and proving as a distinguished centre for motivating teachers towards the academic frontiers in higher education, UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad on the eve of ‘Valedictory Session’, successfully concluded its 126rd Orientation Course on 17th February, 2020. The occasion was graced by the valuable presence of chief guest of the event Prof. R. R.Tewari, Hon’ble Vice Chancellor, University of Allahabad, Prayagraj; Prof. H.K.Sharma, Director – UGC-Human Resource Development Centre, UoA, Dr. Prashant Khatri, Assistant Director, HRDC, Prof. Ashish Saxena, Coordinator of the 126rd Orientation Course, Human Resource Development Centre, UoA. In all around 40 participants across the disciplines covering various Universities/Colleges of the country actively attended the valedictory session. At the outset, Prof. Ashish Saxena, Coordinator and Head, Dept. of Sociology conducted the programme and welcomed the dignitaries with the floral bouquet and followed by the outline of the said course. He shared the experiences in running the academic event and the diversity of resource persons with rigorous interdisciplinary framework. Director, Prof. H.K.Sharma gave the formal welcome speech He briefed about the overall outline of the 21 days academic event. He emphasized the relevance of orientation and the congratulated the participants for successful completion of the said course. He also offered token of memento to the chief guest. At this juncture, chief guest of the event, Prof. R.R.Tewari , Hon’ble Vice Chancellor, spoke on the Value and ethics associated with teachers in higher education. He spoke at length about the sincerity and professionalism in teaching, which might be a generation of computers, use of ICT and the pedagogy in computer application, at the last, he spoke about the legacy of J K Insitution and University of Allahabad in DRDO and prestigious National Projects. The event was followed by the certificate of participation to the participants by the chief guest. The participants also shared their experiences as learner’s and appreciated the diversity of academic activities. They also appreciated the homely comfort and sincerity of the team of the Academic Staff College, University of Allahabad. The valedictory session ended with formal vote of thanks by Assistant Director, Dr. Prashant Khatri and lovely memories of the participants. The event was duly supported by the efficient staff of UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad.

 


28 Jan 2020
Coordinator, 126th Orientation course,  UGC-HRDC, University of Allahabad
In pursuance of quality training and proving as a distinguished centre for motivating teachers towards the academic frontiers in higher education, UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad on the eve of ‘Inaugural session’, successfully inaugurated its 126th Orientation Course on 28th January, 2020. The occasion was graced by the valuable presence of chief guest of the event Prof. M.P. Dubey, Hon’ble Ex-Vice Chancellor, U.P. Rajarshri Tandon Open University, Prayagraj; Guest of honor Prof. S.I Rizvi, Dean, Research & Development, UoA; Prof. Ashish Saxena, Coordinator of the 126rd Orientation Course, Human Resource Development Centre, UoA.

In all around 40 participants across the disciplines covering various Universities/Colleges of the country actively attended the inaugural session. At the outset, Prof. Ashish Saxena, Coordinator and Head, Dept. of Sociology conducted the programme and welcomed the dignitaries with the floral bouquet and followed by the outline of the said course. He shared the experiences in running the academic event and the diversity of resource persons with rigorous interdisciplinary framework. He also briefed about the overall outline of the 21 days academic event. He highlighted the sincerity and inter-disciplinarity of the orientation course. At this juncture, chief guest of the event, Prof. M.P. Dubey, Hon’ble Ex-Vice Chancellor, spoke on the relevance of orientation and debated the landmark interventions in the field of higher education. He discussed the responsibility of transferring the wisdom and also learning various skills during the orientation, especially academic, ethical, social, personality and others. At the end, he emphasized upon the relevance of Environmental issues and challenges especially Stewardship, Utilitarian and Value within attribute towards higher learning. To him teachers are the brand equity to attract the stakeholders to the institutions. Prof. S.I. Rizvi, Dean R&D spoke at length on the scientific intervention and the application of knowledge. He identified the new challenges in the higher education and the responsibility of teachers as transformers of society. The event was followed by the formal introduction by the participants. The Inaugural session was conducted and ended with formal vote of thanks by Dr. Muneer Illath, faculty in Department of Sociology, University of Allahabad. The event was duly supported by the efficient staff of UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad.

 
05 Nov 2019
Coordinator, 125th Orientation course,  UGC-HRDC, University of Allahabad
In pursuance of quality training and proving as a distinguished centre for motivating teachers towards the academic frontiers in higher education, UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad on the eve of ‘Valedictory Session’, successfully concluded its 125th Orientation Course on 4th November, 2019. The occasion was graced by the valuable presence of Chief Guest of the event Prof. Peeush Ranjan Agarwal, Hon’ble Vice Chancellor, Awadesh Pratap Singh University, Rewa, M.P. Prof. A.R.Siddiqui, Officiating Director, Human Resource Development Centre, UoA, Prof. Ashish Saxena, Academic Coordinator of the 125th Orientation Course, Human Resource Development Centre, UoA. Prof. R.K.SinghHon’ble Director, UGC-HRDC, UoA could not attend the session owing to sad demise in the family.   
In all, around 40 participants across the disciplines covering various Universities/Colleges of the country actively attended the valedictory session. At the outset, Prof. Ashish Saxena, Coordinator and Head, Dept. of Sociology conducted the programme and welcomed the dignitaries with the floral bouquet and followed by the broader outline of the said course. He shared the experiences in running the academic event and the diversity of resource persons with rigorous interdisciplinary framework. Prof. A.R.Siddiqui, Officiating Director and faculty Department of Geography gave the formal welcome to the chief guest and introduced his credentials to the participants. He congratulated the participants and inspired the participants to carry forward the learning to their respective places. At this juncture, chief guest of the event, Prof. Peeush Ranjan Agarwal, Hon’ble Vice Chancellor, APS University, Rewa, spoke on the relevance of Value and Ethics associated with teachers in higher education. He discussed the sensibility of transferring the wisdom and experiences to the next generation and also indicated the privatization of education as a challenge to the future academicians.  Prof. Agarwal also indicated the remedy towards Public institutions through effective delivery of Teaching, Research and Corporate responsibility. At the end, he emphasized upon the adaptability and sharpening of Knowledge, Skills and Attitude as a significant attribute towards higher learning. He expressed the knowledge as a bank passbook which yields good interest and to him teachers are the brand equity to attract the stakeholders to the institution. The representative participants, namely Dr. Mudita Tewari and Dr. Anand Pandey also shared their experiences of the participants as learner’s and appreciated the academic diversity of the said course. They also appreciated the homely comfort and sincerity of the team of the Academic Staff College, University of Allahabad. The event was followed by the certificate of participation as well as token memento to the meritorious participants by Prof. Peeush Ranjan Agarwal. The valedictory session ended with formal vote of thanks by Dr. Ankita Chaturvedi and lovely memories of the participants. The event was duly supported by the efficient staff of UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad.

 
25 Sept 2019
Director - Human Resource Development Centre, UoA
UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad on the eve of ‘Valedictory session’, successfully concluded its 124th Orientation Course on 19th September, 2019. The occasion was graced by the valuable presence of chief guest of the event Prof. Sangeeta Srivastava , Hon'ble Vice Chancellor, Prof. Rajendra Singh (Rajju bhaiya) State university, Prayagraj; dynamic Prof. R.K.Singh, Hon’ble Director - Human Resource Development Centre, UoA, Prof. Ashish Saxena, Head, Department of Sociology, UoA. 
The 124th Orientation program was coordinated by Prof. A R.Siddiqui, department of Geography. In all around 40 participants across the disciplines covering various Universities/Colleges of actively attended the valedictory session. Prof. Ashish Saxena, conducted the program and welcomed the dignitaries with the floral bouquet. Prof. R.K.Singh gave the formal welcome speech, he briefed about the overall outline of the academic event. He emphasized the relevance of orientation and the congratulated the participants for successful completion of the said course. He he also outlined the continuation of orientation with other e-platforms offered by Ministry of Human Resource Development and UGC. At this juncture, chief guest of the event, Prof. Sangeeta Srivastava, Hon’ble Vice Chancellor, narrated the motivated stories the relevance of teachers to the society, especially in terms of nation building. She emphasized the the incorporation of simplicity and a meaningful way of life. She motivated the participants for holistic learning towards attainment of academic goals. At the end she emphasized upon the relevance of gender sensitization in the higher education. She commented on the the domination of sexuality in the minds of the people and suggested to avoid the same.The event was followed by the certificate of participation to the participants by the chief guest. The participants also shared their experiences as learner’s and appreciated the diversity of academic activities. The valedictory session ended with formal vote of thanks by one of the participants namely, Dr. Savya Sachi. The event was duly supported by the efficient staff of UGC-Human Resource Development Centre, University of Allahabad.

 
05 August 2019
Coordinator, 120th Orientation course,  UGC-HRDC, University of Allahabad
Vice-Chancellor’s Addresses Teacher Participants in Academic Staff College
Prof. Rattan Lal Hangloo, Honb’le Vice-Chancellor, University of Allahabad interacted with the teacher participants of 120th Orientation Programme, coordinated by Prof. Ashish Saxena, Head of Department of Sociology, he welcomed him with the bouquet and welcome address was delivered by Director Prof. R K Singh,Human Resource Development Centre, University of Allahabad. Hon’ble Vice-Chancellor highlighted  various aspects of the Orientation Programme and appealed to all for adopting appropriate pedagogy to make education student centric and more in sync with the requirement of the  21st century. He also discussed the relevance of course work in the doctoral programme and presented a model frame work for effective implementation of the coursework. The sole objective was to raise the standard of our doctoral research in general and take appropriate measures to make our education more relevant and also to take it to the highest level of excellence. Further, he emphasized the importance of planning & communication in research work.. Finally, Dr. Dhananjay Chopra, Coordinator, Centre of Media Studies delivered a vote of thanks for such an enriched and interactive session at Human Resource Development Centre, University of Allahabad.
 
Last modified on Wednesday, 10 Sept 2018 16:50